शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

मै ब्लॉग-जगत से माफ़ी मांगता हूँ,यदि मेरी वजह से ब्लॉग्गिंग का स्तर गिरा है तो!लेकिन कोई आगे तो आये सही क्या है बताने के लिए....

अभी कुछ देर पहले ही ये क्यों  और  किसके  लिए  कर  रहे  है  ब्लॉग्गिंग  ब्लॉग पढ़ा!वहा जो पोस्ट दिखाई गयी है उन पोस्टो में से एक मेरी पोस्ट है!बाकी के बारे मै कुछ नहीं कह सकता!परन्तु यदि मेरी वजह से ब्लॉग्गिंग का स्तर किसी भी तरह से गिरा है तो मै सम्पूर्ण ब्लॉगजगत से माफ़ी मांगता हूँ!एक अपील भी है!आप मेरे ब्लॉग पर आये,मेरी और पोस्ट भी पढ़े,यदि फिर भी आप लोगो को लगता है कि मै गलत राह पर चल रहा हूँ,तो कोई औचित्य नहीं मेरे इस तरह से आने वाली पीढ़ी को गलत-सलत परोसने का!मै स्वयं ब्लॉग पर लिखना छोड़ दूंगा!


यदि मेरी गलती है तो इसका सबसे अच्छा इलाज यही है कि मै अपनी गलती सुधार लूं!इसके लिए अच्छे और सच्चे मार्गदर्शक का हमारे समीप या संपर्क में होना निहायत ही जरुरी है!मुझे सौभाग्य से ऐसा  आदर्श  मार्गदर्शक  मिल भी गया!जो मेरे समीप भी है और संपर्क में भी है!उन्होंने समय रहते चेताया भी था मुझे कि मै थोडा सा भटकता सा प्रतीत हो रहा हूँ!लेकिन अपना अनुभव भी कुछ होता है,शायद यही सोच कर उन्होंने मुझे रोकने की बजाये बस इशारा भर किया था!


अभी समस्या यह हो रही है कि जिन्होंने मुझे या मेरे तरीके को गलत बताया है और जिन्होंने उनका पुरजोर समर्थन किया है उनमे अधिकतर वो ही है जो भूतकाल में उन पोस्टो के कारण-पोस्टो की या उन में से किसी पोस्ट की प्रंशसा कर चुके थे!अब इसे क्या समझा जाए?


यहाँ भी समर्थन और वहां भी समर्थन!भई वाह! क्या अब वो ही निर्धारित करेंगे ब्लॉग्गिंग स्तर?


अभी दिल कुछ ज्यादा ही उबाल खा रहा सो अधिक नहीं!


बस एक बार फिर मै ब्लॉग-जगत से माफ़ी मांगता हूँ,यदि मेरी वजह से ब्लॉग्गिंग का स्तर गिरा है तो!मै तो अभी नया ही हूँ इस ब्लॉग जगत में!मै भी शायद ना समझ पाऊं की क्या गलत है,लेकिन कोई आगे भी तो आये सही क्या है बताने के लिए....!




जय हिंद,जय श्रीराम,



कुंवर जी

21 टिप्‍पणियां:

  1. kunwarji itna mat ghabraiy ye to kuc bade blogar h jo kuch bhi likhte te the achha boora va-vahi pate the abi kuch dino se inki poste agriget nahi ho pa rayi h islie thode besudh h aap to bas apni bhavaye batate riye jab bloging karni h to apni kahenge dusre ki sunege amit bhai ko deke kaise virodhi bi unke kayal ho rahe h

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  2. अभी समस्या यह हो रही है कि जिन्होंने मुझे या मेरे तरीके को गलत बताया है और जिन्होंने उनका पुरजोर समर्थन किया है उनमे अधिकतर वो ही है जो भूतकाल में उन पोस्टो के कारण-पोस्टो की या उन में से किसी पोस्ट की प्रंशसा कर चुके थे!अब इसे क्या समझा जाए?


    यही दोगलापन और लप्पो चप्पो की भाषा ब्लॉगजगत का भट्टा बैठाने के लिए पर्याप्त है

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  3. कुंवर जी, घबराइए मत, यह सब ब्लॉग पोलिटिक्स के कारण हो रहा है. यहाँ पर लोग ग्रुप बनाकर एक-दुसरे का समर्थन अथवा विरोध करते हैं. आप बस वाही कीजिये जिसे आपका दिल ठीक कहता है. बस कभी भी किसी का दिल दुखाने की कोशिश मत कीजियेगा. आपका दोस्त - MLA

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  4. "जिसकी कोमरी, उसी के गीत"

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  5. ji aap sab ke is sahyog ke liye mai aapka shukrgujaar hu!koi ye bhi to bataaye ki mai kaha or kaise galat hu!

    kunwar ji,

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  6. @विधायक जी-यहाँ भी पोलिटिक्स होगी,मानने को मन तो नहीं करता!कोई तो गम्भीर कारण रहा होगा इतनी संवेदनशील पोत डालने का!कुछ तो गलत रहा होगा!और उसका पता सभी को लगना चाहिए!

    @वीनस जी- आपका स्वागत है जी!आपकी बात गौर करने लायक है!


    कुंवर जी,

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  7. भाई अभी तो तुम्‍हें स्‍तर का पता करना है, अभी तुमने कुछ नहीं क्‍या बस यह समझों गेहूं के साथ कुछ और भी पिस जाता है

    अब यह परम्‍परा बन जायेगी ब्‍लागवाणी पर इस के साथ जीना सीख लेना चाहिये

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  8. आप क्यों इतना दिल पे ले गए दोस्त, इन्होने भी पहले इन्ही पोस्टों पे काफी रागिनिया गयी है, और तो जैसा पुष्पेन्द्र जी में कहा कि कुछ बेसुध से है अभी . आप परेशां मत होइए. आप ने ऐसा कुछ नहीं कहा है कि हिंदी ब्लोगिंग को कोई नुक्सान हुआ हो

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  9. @कैरानवी जी-आपका स्वागत है जी!आपके सहयोग के लिए धन्यवाद है जी!पर आप ये भी तो समझा दो श्रीमान यदि मै 'कुछ और' हूँ तो ये "गेहूं" कौन है!

    @अमित भाई साहब-आप को तो हमेशा ही मै अपने साथ खड़ा महसूस करता हूँ!

    @पुष्पेन्द्र भाई-मै घबराया नहीं,बस विचलित हो गया हूँ!घबरा जाता तो यही लिखता कि "अलविदा ब्लॉग्गिंग"!

    आप सब के सहयोग से इतना हौसला तो आ ही गया है कि अपनी गलती आप jaise अनुभवी जनों से पूछ कर सुधार लूं!



    कुंवर जी,

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  10. Take it easy, kunwarji,
    जिन निहायत बेशर्म कायरों ने पुरातन महत्व की किताबो की आड़ में हमारी माँ-बहनों पर सरे आम कीचड उछाला वे तो................. खैर, अफ़सोस इन अपने ब्रोड माइंडेड सेक्युलरों पर होता है , जिन्होंने वह सब चुपचाप बर्दास्त किया !

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  11. मैंने अपने पोस्ट में आपकी टिप्पणी आने पर निम्न टिप्पणी की हैः

    "इस पोस्ट से मेरा मन्तव्य किसी ब्लोगर की भावनाओं को ठेस पहुँचाना कदापि नहीं है, मैंने तो सिर्फ यह बताने का प्रयास किया है कि हिन्दी ब्लोगिंग किस दिशा में जा रही है।

    मेरा मानना यह है कि धर्म के विवाद को त्यागकर हम अपनी ऊर्जा को रचना रचनात्मकता में ही व्यय करें।"


    बावजूद इसके भी यदि आप भ्रमित हैं और मेरे पोस्ट का अन्यथा अर्थ निकाल रहे हैं तो यह मेरा दुर्भाग्य है।

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  12. आदरणीय कुंवर जी
    ठंडा पानी पीजिये, गुस्सा थूक दीजिये

    प्रणाम स्वीकार कीजिये

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  13. कुंवर भाई,
    अवधिया जी का स्पष्टीकरण आ चुका है, अब बात खत्म मान लीजिये… बस। :)

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  14. अवधिया साहब तो मुस्लिम ब्लोग्गर्स को पीटना चाहते थे, तुम तो मुफ्त में पिट गए मियाँ.

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  15. सादर वन्दे !
    आपके लिए शिव मंगल शिंग सुमन की वह पंक्तियाँ दुहराता हूँ ,
    क्या हार में क्या जीत में, किंचित नहीं भयभीत मै
    संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही
    वरदान मांगूंगा नही--वरदान मांगूंगा नही

    लघुता ना अब मेरी छुओ, तुम हो महान बने रहो
    अपने ह्रदय की वेदना मै, व्यर्थ त्यागूँगा नहीं
    वरदान मांगूंगा नही ---वरदान मांगूंगा नही

    इसलिए लगे रहिये बिना डरे, बिना थके, विना रुके ------
    रत्नेश त्रिपाठी

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  16. राम राम जी,

    मै आपके इस प्यार और दुलार को पाकर स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ!यह तो सत्य है कि मेरा मन कुछ ज्यादा ही विचलित हो गया था अवधिया जी की वो पोस्ट पढ़ कर.लेकिन सच में मै अपनी कमी को खोजने के लिए ही ये सब लिख गया था!मेरे मन में किसी के भी प्रति कोई बुरी भावना नहीं है!

    जो प्यार और सम्मान मुझे आज ब्लॉगजगत ने दिया है,मै तो इस लायक भी खुद को नहीं मानता था!अभी कुछ दिन पहले ही तो मैने ब्लॉग्गिंग पर अपने तुच्छ विचार प्रकट करने शुरू किये थे!

    अभी तो मै खुद को लज्जित सा महसूस कर रहा हूँ!कुछ भी तो कहने कि स्थिति में खुद को नहीं पा रहा हूँ!दुर्भाग्य तो ये मेरा है जी कि इतने बड़े-बड़े ब्लोगर आज पहली बार मेरे ब्लॉग पर पधारे है,वो भी किस कारण से!

    वैसे ये मेरा सौभाग्य भी है आप सब ने मुझे अपने परिवार का हिस्सा समझा और यहाँ मेरे हित हेतु पधारे!

    अभी मै और ज्यादा नहीं लिख पा रहा हूँ!

    बस एक बार फिर क्षमा याचना आप सब से,ब्लॉग जगत से!भविष्य में सजग रहने की पूरी-पूरी कोशिश करता RAHUNGA जी!

    कुंवर जी,

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  17. देखने में आता है कि यहाँ अधिकतर मसले तो आपसी गलतफहमियों की वजह से ही जन्म लेते हैं...खैर अब चिन्ता छोडिए और काम पे लगिए यानि कि अब अगली पोस्ट की तैयारी कीजिए!

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  18. कुंवर जी, मैंने तो आपको ज्यादा नहीं पढ़ा है. लेकिन आपकी टिप्पणियाँ बताती है की आप अच्छा प्रयास कर रहे हैं.
    दिल पर मत लीजिये, यहाँ अच्छे ब्लोगर भी भावावेश में और साथी ब्लोगर का सम्मान करने के लिए भी समर्थन कर देते हैं.
    इतना वक़्त तो किसी के पास है नहीं की सही गलत की विवेचना करे... आप बस लगे रहिये.... (ऊपर की टिप्पणियों में बहुत कुछ कहा जा चूका है)
    खुश रहें...!!

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  19. mai bhi aary ji ki baatoo se sahamat hun. kripya kisiki tippni ka galat aarth na le.man me kisi bhi prakar ka mail na aane de.aalochana avam prashnsa se apne kamiyo avam achchaiyo ka pata chalta hai.
    shubhkamnao sahit.
    poonam

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  20. कुंवरजी कहाँ गायब हो गए आप !!!!!!!!!!

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  21. कुंवर जी इस तरह की बातों को दिल पर मत लीजिये ....अगर आप अच्छा लिखते हैं तो आपका लिखा तारीफ के योग्य होगा ही ....इसलिए सिर्फ और सिर्फ अपने लेखन पर ध्यान दीजिये ..!!

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