
आज सुबह-सुबह ये पढ़ कर बहुत अच्छा लगा!किसी प्रतिभा का सम्मान करना हमारी पुरानी परम्परा रही है!लेकिन उनके पुश्तैनी घर,गाँव,नगर को हम अमूमन नजरअंदाज ही करते रहे है!एक अनजान सी,अनावश्यक सी परम्परा ये भी चली ही आ रही है!
ऐसा तो पहले भी बहुत हुआ है कि मुख्यमंत्रियों,सांसदों ने अपने गाँव के लिए बहुत से विकास कार्य करवाए या किये!लेकिन एक प्रतिभा का सम्मान उसके गाँव को देकर एक अच्छा उदाहरण दिया श्री हुड्डा जी ने!ऐसे कितने ही कलाकार और खिलाड़ी है जिनका गाँव आज भी गुमंनामी के अंधेरो में ही पड़ा हुआ है!
ऐसे सरकारी कदमो से कलाकारों में हौसला तो बढ़ता ही है साथ ही उनके घर-गाँव वालो में उन्हें सहयोग देने की भावना भी तो बढती है!ये एक जरुरी और प्रशंशनीय शुरुआत मै कहूं तो गलत ना होगा!
जय हिंद,जय श्री राम,
कुंवर जी,
bahut badhiya ji
जवाब देंहटाएंलगता है राजनीती फिर से धर्मानुकुल हो रही है.
जवाब देंहटाएंहुड्डा जी ने ठीक ही किया है, क्यों की जसराजजी तो वैसे भी अब हर सम्मान-पुरुस्कार से ऊपर उठ चुके है
राज्य सरकार की एक अच्छी पहल .
जवाब देंहटाएंपंडित जसराज जी इन सब से बहुत ऊपर उठ चुके हैं परन्तु ऐसे फैसले अगली पीढ़ी के लिए उदाहरन प्रस्तुत करती है.अन्य राज्य भी कलाकारों को यथोचित सम्मान दें येही उम्मीद है.
लाजवाब , बहुत बढ़िया लगी ये पोस्ट बहुत कुछ जानने मिला
जवाब देंहटाएंअच्छी शुरुआत ...
जवाब देंहटाएंरोचक,,,,जानकारी के लिए बहुत शुक्रिया ....अच्छा लेख
जवाब देंहटाएंविकास पाण्डेय
www.vicharokadarpan.blogspot.com
प्रशंसनीय ।
जवाब देंहटाएंbandhai ho .....
जवाब देंहटाएंरोचक,,,,जानकारी के लिए बहुत शुक्रिया ....अच्छा लेख
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