गुरुवार, 23 अक्टूबर 2014

सभी के लिए शुभकारी और अमंगलहारी हो दीपावली।

आस्था, उल्लास, आनन्द और समरसता के इस पावन पर्व पर सभी को परमपिता परमात्मा शान्त चित्त दे, सुखी जीवन दे, समृद्ध व्यवहार दे, अध्यात्मिक वातावरण दे, इश्वर प्रीति-गुरु भग्ति दे, सद्ज्ञान दे।
निरोगी काया निर्मल मन हो,
सात्विक आहार और
 थोडा दान के लिए भी धन हो।
सृष्टि-हित और समाज-हित के अनुसार ही स्वयं-हित करते रहने की समझ हो।

कुछ ऐसी सी ही असीम और अनंत शुभेच्छाओ और प्रार्थनाओ को पूरी करने वाली हम सब की दीवाली हो।

कुँवर जी,
जय हिन्द, जय श्री राम।

मंगलवार, 15 जुलाई 2014

मौन..... (कुँवर जी)

मौन.....
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जिह्वा तालु को सटी है,
और अंतर में फिर भी शोर है,
क्या वहा मुझ से अलग कोई और है…
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ये कैसा मौन है, ये कौन मौन है…?


जय हिन्द,जय श्रीराम,
कुँवर जी

गुरुवार, 15 मई 2014

नतीजे...(कुँवर जी)

यही रात अंतिम यही रात भारी...

चलो नतीजो के आने से पहले सो लिया जाये!

मंगलवार, 21 जनवरी 2014

धोखा उसकी रगो में बहता है क्या करे....

धोखा उसकी रगो में बहता है क्या करे,
वो करता है फिर सहता है क्या करे!

मशगूल है उसकी आदतो में बाँध तोड़ना,
औरो के चक्कर में फिर खुद बहता है क्या करे!


जय हिन्द,
जय श्रीराम!

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2013

मुझे अनुभव रेत के महलो का है.....(कुँवर जी)







मेरे शब्दकोष में कितने शब्दों के  अर्थ बदल गए,
अरमानो के सूरज कितने चढ़ शिखर पर ढल गए,
फौलादी इरादे वक़्त की तपन से मोम के जैसे पिघल गये,
सपनो तक जाने वाले रस्ते भौर होते ही मुझको छल गये,
इसी लिए तो आजकल बाते कम किया करता हूँ मै,
जिह्वा दब जाती है शब्दों के बोझ तले तो दो पल को सोचा करता हूँ  मै,

पहले हर हरकत एक जूनून हो जाती थी,
करना है तो बस करना है ऐसी धुन हो जाती थी,
क्या फ़िक्र थी कि ओरो की नजर ये बाते गुण या अवगुण हो जाती थी,
गुम था भविष्य,वर्तमान के लिए तो ये ही शगुन हो जाती थी,
आज शगुन को भी दो घडी टटोला करता हूँ मै,
तुमको लगा तो ठीक लगा के बाते करते सोचा करता हूँ  मै,


मुझे अनुभव रेत के महलो का है सो डरता हूँ हर आहट  से,
कितनी चतुराई क्यों न दिखाऊ हार जाता हूँ इस समय के  इक पल नटखट से,
फिर वो खड़ा मुस्कुराता है बेफिक्र और बेखबर हो मेरी हर झल्लाहट से,
सब भूलने का हौसला भी यूँ तो देता,उलझा कर तभी नयी  खटपट में,
बस यही से फिर जीने का दम भर जाता हूँ मै!

जय हिन्द,जय श्रीराम,
कुँवर जी,



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