गुरुवार, 22 अप्रैल 2010

मुस्लिम समाज को कलंकित करने वालो के लिए "एजाज़ भाई" ने पेश की सरहानीय मिसाल!और हाँ!इसे वो भी पढ़े जो ये कहते है की मुस्लिम समाज सिर्फ कट्टर लोगो का समाज है,इसमें सुधार की गुंजाईश नहीं है!(एक विचार....!)

कल मेरी पोस्ट पर जो सबसे पहले टिप्पणी आई,वो चौंकाने वाली थी!टिप्पणीकार थे श्रीमान एजाज इद्रेसी!
ये वो ही एजाज भाई जान थे जो कुछ दिन पहले कह रहे थे कि "क्या आप के घर में सभी वेद,पुराण और धार्मिक ग्रन्थ है,या आप अभी खरीदने वाले हो!:"
इसी पोस्ट कि एक टिप्पणी में उन्होंने कहा था कि,"ये तो शुरुआत है,आगे-आगे देखिये होता है क्या?"
और ये सब आगे चल कर वो सिद्ध भी करते दिखाई दिए!ब्लोग्वानी ने इसी कट्टरता को देखते हुए इनकी पोस्ट भी ब्लोग्वानी से हटा दी थी!
लेकिन ये कलम के सच्चे सिपाही थे!हार नहीं मानी और लगातार लिखते रहे!लेकिन कब तक ये सच्चाई से भागते!अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है कि जल्द ही इनको गलत राह से सही राह पर पहुंचा दिया!

आदमी गलती करता है,और भूल जाता है!लेकिन एक समझदार आदमी गलतियों से भी सीख लेता हुआ चलता है!गलतिया हो जाती है पर उनको सुधारा भी जा सकता है इसी की मिसाल एजाज़ भाई ने पेश की है! वो मिसाल देखने के लिए यहाँ  क्लिक   करे.... !





यहाँ उन्होंने स्वीकार है कि वो सब उन्होंने किसी के बहकावे में आकर किया था!मै ज्यादा नहीं लिखूंगा आप स्वयं ही दिए गए लिन्क पर जाकर देखे तो बेहतर रहेगा!
गलती मानने का सहास कोई छोटी बात नहीं!यहाँ तो ऐसे-ऐसे भी है जो एक बात को पकड़ कर ही ब्लॉग्गिंग कर रहे है!कुछ का ये हाल है कि चोरी तो छूट गयी है,पर हेरा-फेरी......?

आज जब एजाज़ भाई ने ये सहासिक कदम उठाया है तो क्यों ना सारा ब्लॉग-जगत उनके साथ खड़ा हो जाए!दिखा देना चाहिए उन अभिमानियो को कि अच्छे कदमो का हर जगह स्वागत होता है!शायद उन पर कुछ फर्क पड़े!हर किसी को इस से प्रेरणा लेनी चाहिए!

जय हिंद,जय श्री राम!
कुंवर जी, 

18 टिप्‍पणियां:

  1. bilkul janab subah ka bhula sham ko ghar aa jaye to use bhula nahin kahate aur ye janab to din me hi ghar laut aaye hain. inka swagat hai. aur apne ek sahi mudda udhaya hai iske liye bhi dhanyavad

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  2. विचार शून्य जी और राणा जी;आपके सहयोग के लिए धन्यवाद जी!आपने सही कही,ये भाई साहब तो दिन ने ही लौट आये है!

    कुंवर जी,

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  3. सुबह का भूला अगर शाम को घर लौट आये तो उसे भूला नहीं कहते !

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  4. राष्ट्रवाद की नायिका फ़िरदौस ख़ान की बदौलत आज बहुत से 'लोग' सही मार्ग पार आ गए हैं.


    सबसे पहले अपनी बहन (फ़िरदौस ख़ान) के ख़िलाफ़ नीचता की हद तक गिरने वाले सलीम खान ने अपना मार्ग बदलते हुए सुधरने की कसम खा ली और लगे हाथ ब्लॉग पर एक लेख- 'स्वच्छ संदेश' अब भारतीय मुस्लिम समाज की आवाज़ भी बनेगा लिखकर इसकी घोषणा भी कर डाली.


    अब एजाज़ अहमद इदरीसी भी सुधरने की बात कर रहे हैं.


    उन्होंने भी पोस्ट लिखकर सुधरने का दावा किया है.


    उनका कहना है-
    मुझे किसी ब्लॉगर ने बहकाया था; ब्लोगिंग की अहमियत मैंने अब पहचानी है; मैं अब स्वस्थ ब्लोगिंग ही करूँगा: EJAZ AHMAD
    क्या ये सब सुधर गए हैं? अगर सुधर गए हैं तो क्या इन्होंने अपनी बहन फ़िरदौस से माफ़ी मांगी है?


    कहीं ऐसा तो नहीं-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली.


    आश्चर्य की बात है कि अपनी बेशर्मी के लिए सलीम भाई ने अपनी बहन से क्षमा तक नहीं मांगी.
    जिसे बहन कहते हैं, उसी के विरुद्ध घृणित कमेन्ट करते हैं.


    इसी चंडाल चौकड़ी के Dr. Ayaz ahmad , EJAZ AHMAD IDREESI, zeashan zaidi, Aslam Qasmi
    ने जगह-जगह जाकर ग्रिनित कमेन्ट किए, जो इनके ब्लोगों पर देखे जा सकते हैं.


    इन लोगों ने अपनी बहन के ख़िलाफ़ जो शर्मनाक कमेन्ट लिखे हैं, क्या ये उसे डिलीट करेंगे?

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  5. हमारे गलत कमेँट आप हमे दिखा सकते है अरे हमने तो केवल उनकी पोस्ट से सम्बन्धित सवाल ही किए है अब अगर वो गलत है तो बताऔ एक तो उन्होने जवाब नही दिए ऊपर से एसी बाते हमे तो ऐसा लगता है बहन के नाम से आपमे से कोई भाई लिख रहा है क्योकि वो धमकियाँ बाद मे बताती है आपको ख़बर पहले हो जाती है

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  6. @कहत कबीरा ----
    मैंने कोई घृणित टिपण्णी कहाँ की है, क्या आप बताने का कष्ट करेंगे/करेंगी ?

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  7. राष्ट्र वाद की तरफ उठने वाले हर कदम का स्वागत होना चाहिए ....

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  8. @गिरी जी व् गिदियाल साहब,मुझे आप से इसी भाव कि अपेक्षा थी!आप्कधान्यवाद समर्थन के लिए!



    @कबीर जी आपका स्वागत है;बिल्ली जब हज को तो जा ही रही है!

    अब चूहे जब खाए थे तब खाए थे!अभी तो इस सकारात्मक कदम का स्वागत करना चाहिए या नहीं?

    एजाज़ भाई को मेरा पूरा समर्थन अभी तो!वो अपने निश्य पर अटल रहे यही शुभकामना!

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  9. @डॉ. अयाज़ अहमद जी आपका भी स्वागत है!चलो आप ने भी माना कि गलत कमेन्ट किये है आपने,धन्यवाद!फिलहाल आप व्यर्थ कि बहस को छोड़ कर श्रीमान एजाज का हौसला बढ़ाइए!सभी को अच्छा लगेगा!

    @जैदी जी-आपका स्वागत है!आपका क्या विचार है इस बारे में,ये नहीं बताया अभी तक आपने?मै इंतज़ार कर रहा हूँ!

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  10. @एजाज़ इदरीसी जी-आप क्यों धन्यवाद कर रहे हो साहब!धन्यवाद तो हमे आपका करना चाहिए!आपने बेमिसाल उदाहरण जो प्रस्तुत किया हमारे सामने!आप कि लेखनी सदा स्वच्छ लेखन करती रहे यही कामना!

    @राईना जी व् दिगंबर जी आपका धन्यवाद है जी,अपने अमूल्य विचार यहाँ प्रस्तुत करने के लिए!

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  11. यह सब तो ठीक है. लेकिन अब उनका क्या हो जो हिन्दू होकर भी धर्म-शास्त्रों को बकवास करार दे रहें हैं ?? और हम मोल्ये (बन्दर) से उनकी तरफ टुकुर-टुकुर देखे जा रहे है. अब अगर उनसे सवाल-जवाब होंगे तो कोई कहेगा क्यों आपस में लड़ रहे हो दूसरे धर्म वालों का तो लक्ष्य ही यही था . लेकिन क्या सिर्फ इसी लिए आँख मूंद कर बैठ जाया जाये . या फिर वे बंधु ही अपने को अति आधुनिकतावादी दिखलाने के लालच से उबार के अपनी लेखनी से ऐसा कुछ भी ना लिखने कि सावधानी बरतें . आप सभी से है यह निवेदन .!!

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  12. amit bhai aapka ye nivedan blog jagat hi nahi blki samujhe jagat ke liye anukarniya hai!

    kunwar ji,

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  13. एजाज़ ने अच्छा निर्णय लिया है तो उसका स्वागत होना ही चाहिए ... हाँ, ये भी उम्मीद रखना चाहिए कि सद्द्बुद्धि बनी रहे ...

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