मंगलवार, 20 अप्रैल 2010

एक रेल 150 की.मी./घंटा की रफ़्तार से आ रही है, और दूसरी 123 की.मी../घंटा की रफ़्तार से जा रही है,तो बताओ मेरी उम्र कितनी?"(हास्य-वयंग्य)

बहुत  पुरानी  तो  बात  नहीं  है  खैर!फिर भी पुरानी तो है ही,काफी समय से सुनते आ रहे है!
हमारे विद्यालय की दीवारे भी तब ज्यादा ऊँची नहीं होती थी!ये तो अब करनी पड़ी जब विद्यालयों की लड़कियों को देखने वालो को आंखो से ही डराना पर्याप्त ना रहा!
हाँ तो तब जब दीवारें ऊँची नहीं थी!बहार  से  अन्दर  साफ़  दिखाई  दे  जाता  था!एक ताऊ बहार खेतो में गाय-भैंस चरा रहा था!वो क्या देखता है के एक अध्यापक महोदय कक्षा के सभी बच्चो की एक-एक कर के पिटाई करता जा रहा था!जब बहुत देर हो गयी और सीन ना बदला तो ताऊ जी रहा ना गया!वो दीवार फांद कर अन्दर!सीधे कक्षा में!पूछने पर पता चला के मास्टर जी ने जो सवाल पूछा उसका जवाब नहीं था किसी के पास!ताऊ जी ने कहा-"मास्टर जी वो सवाल सा एक बार मुझ से भी पूछ लो!क्या पता मै जवाब दे दूं!

मास्टर जी बोले  "जब हाई क्लास के बच्चे इस सवाल को हल नहीं कर पाए तो आप क्या हल करेंगे!"

ताऊ जी ने थोड़ी सी अपनी टोन पकड़ते हुए कहा-"टेम क्यूँ खराब करो हो?"

मास्टर जी समझ गये!बोले-"सवाल ये है,एक रेल 150 की.मी./घंटा की रफ़्तार से आ रही है, और दूसरी 123 की.मी../घंटा  की रफ़्तार से जा रही है,तो बताओ मेरी उम्र कितनी?"


ताऊ जी ने बहुत गहन विचार के बाद जवाब दिया, "मास्टर जी आपकी उम्र है 42 साल!
मास्टर जी हैरान,परेशान!बोले."ताऊ जी आपका गणित लाजवाब है!आपने किस फार्मूले से सही जवाब निकाला है?"
ताऊ जी-"फार्मुल-वार्मुला तो कुछ नहीं!बस एक बात का विचार किया के हमारे छोटे लड़के की उम्र 21  साल है और वो आधा पागल है!और मुझे आप पूरे पागल लगे!बस ये बात थी!अब आप मास्टर हो,और तो कुछ नहीं कहा जा सकता जी!

अब मै सोच रहा हूँ कि आज-कल ब्लॉग जगत में जो लोग उलटे सीधे सवाल पूछने में ही अपनी उर्जा खपा रहे है वो 21 साल के है या 42 के!मेरे जैसे मुर्ख,कम उम्र,कम अक्ल ये काम करे तो शोभा भी दे,पर  यहाँ तो कई डॉक्टर भी है!ऐसा लगता है जैसे अभी सारी समस्याओं को निपटा देंगे,सवाल खड़ा कर के ही बस!कुछ तो विचार करना चाहिए!



जय हिंद,जय श्रीराम,
कुंवर जी, 

11 टिप्‍पणियां:

  1. ha ha ha
    ab chand second baad ye sawaal puchhne layaq na bachoge fir agar aisa hua

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  2. ejaz bhai aapka swaagat to hai,par chaahte kya hai,mai samajh nahi paya,mai to dar gaya bhai!

    kunwar ji,

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  3. मजेदार किस्सा.


    अन्तिम भाग: ये सब चिन्ता छोड़ कर आप अपना सार्थक लेखन करें. कौन क्या कर रहा है, करने दें.

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  4. पुराना जोक है कुंवर जी मगर प्रस्तुति का अंदाज ताजा है !

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  5. सभी लोग हँस रहे हैं, फिर मैं भी..ही..ही..ही..
    ________________
    'पाखी की दुनिया' में इस बार माउन्ट हैरियट की सैर करना न भूलें !!

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