और लौट आया,
अन्दर जाना जी ने बहुत चाहा
पर मै लौट आया,
मन ही मन तेरा दर खटखटाया
और मै लौट आया,
लगा मुझे ऐसा कि
देख लिया है तुमने मुझे कहीं से,
तुमको भी अनदेखा कर मै लौट आया,
कुछ तो रह गया था मेरा वही पर,
उसे वहीँ छोड़ कर मै लौट आया,
मै लौट आया ये मेरी मजबूरी नहीं थी,
तुझको मजबूर समझ मै लौट आया...
जय हिन्द,जय श्रीराम,
कुंवर जी,








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