कैसे न भागे सबकुछ छोड़...
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गोविन्द जो खींचे अपनी ओर
कैसे न भागे सब कुछ छोड़.
न दिखे फिर निशा और न भोर
दिखे तो बस एक कोमल डोर.
कभी शून्य चेतन,कभी भावविभोर
उनसे रिश्ता निभाने चली,बाक...
प्रथम निरामिष शाकाहार पहेली "निरामिष" ब्लॉग पर
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*शाकाहार के सभी पक्षों को वैज्ञानिक, स्वास्थ सम्बन्धी, धार्मिक, मानवीय
विश्लेषण करके तथ्यों के प्रकाश में सामने रखने वाले निरामिष ब्लॉग की
वर्षगांठ पर...
मेरे मन के गाँव में...
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जब भी मुँह ढक लेता हूँ,
तेरे जुल्फों के छाँव में,
कितने गीत उतर आते है ,
मेरे मन के गाँव में ........
एक गीत पलकों पे लिखना ,
एक गीत होंठो पे लिखना ,
यान...
कुछ बातें तो बस कहने सुनने मे अच्छी लगती हैं...
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कैसी शय है यार मोहब्बत, बारिश सूखी लगती है...
धूप ज़रा ठंडी लगती है, सर्दी गर्मी लगती है...
कैसे कह दूं नाम तुम्हारा, और किसी से वाह सुनू...
कुछ ग़ज़लें त...
Write a letter to me.
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किसी दिन तुम मांग लोगे ये सारे दिन वापस जो मैंने तुमसे बात करते हुए बिताये
थे...ये कहते हुए कि ये दिन तुम्हारे थे...ये घंटे तुम्हारे थे...कि इनका कोई
बेहतर...
क्यों भङक रही है हिंसा और अशांति
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आज सारी दुनिया भुखी है प्यासी है यह नही सोचना कि मैं रोटी की बात कर रहा हुं
या जल वाली प्यास की बात कर रहा हुं। किसी के पास धन, दौलत, पैसा, सोहरत,
ताकत, कि...
वेदों में विज्ञान - एंटीमैटर क्या है ?
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वेदों में गूढ़ विज्ञान-सम्बन्धी सामग्री विस्तृत मात्रा में संचित है।
जिसमें से बहुत ही अल्प मात्रा में अबतक जानकारी हो सकी है,कारण यह है कि
वैज्ञ...
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सुबह सुबह फेसबुक पर अपडेट कि हैं सोचा यहाँ भी डाल देता हू ।
पल पल मुश्किल होती जिंदगी
आसान लगती हैं प्रभु तेरी बंदगी
जी जी कर भी क्या हासिल करना हैं
बनू रा...
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