जिन्दगी दौड़ रही है,तेज बहुत तेज...
हमको वही दूर कहीं छोड़...तेज बहुत तेज दौड़ रही है ये!
भाव सारे है यहाँ,कुछ कम कुछ ज्यादा....
बस कुछ को कुछ के ऊपर ओढ़...तेज बहुत तेज दौड़ रही है ये....
सपने दिखाती है,आँखे खुल भी जाती है कभी,
कभी सपनो को कभी हमें तोड़...तेज बहुत तेज दौड़ रही है ये....
मै साथ तो हूँ इसके,यही सोचता हूँ अधिकतर मै,
पर उसी पल मुझे झिंझोड़... तेज बहुत तेज दौड़ रही है ये...
हमको वही दूर कहीं छोड़...तेज बहुत तेज दौड़ रही है ये!
भाव सारे है यहाँ,कुछ कम कुछ ज्यादा....
बस कुछ को कुछ के ऊपर ओढ़...तेज बहुत तेज दौड़ रही है ये....
सपने दिखाती है,आँखे खुल भी जाती है कभी,
कभी सपनो को कभी हमें तोड़...तेज बहुत तेज दौड़ रही है ये....
मै साथ तो हूँ इसके,यही सोचता हूँ अधिकतर मै,
पर उसी पल मुझे झिंझोड़... तेज बहुत तेज दौड़ रही है ये...
