मंगलवार, 21 दिसंबर 2010

‘मैं प्रेमचंद हूं, मुझ पर काफिर चस्पा करें।’ एक पाकिस्तानी की सनक पूरे पाकिस्तान को बदनाम कर रही है या पूरे पाकिस्तान की सोच यहाँ दिख रही है......पता नहीं!

 ये किसी नाटक का डाइलोग  नहीं बल्कि  पकिस्तान में एक हिन्दू के साथ मरणोपरांत किया गया भद्दा मजाक है... !
ऊपर दिए गए लिन्क में खबर विस्तार से दी गयी है!
पढने से साफ़ पता चल रहा है कि कुछ एक गन्दी सोच वालो की वजह से सारी कौम कैसे बदनाम हो सकती है,वे सारे प्रयास जो कि अमन,शान्ति को बढ़ावा देने वाले है....इन कु-कृत्यों के पीछे छिपे रह जाते है!एक पाकिस्तानी की सनक पूरे पाकिस्तान को बदनाम कर रही है या पूरे पाकिस्तान की सोच यहाँ दिख रही है......पता नहीं!

जो भी हो ये गलत तो है ही!क्या एक देश के नागरिक को ये ख्याल नहीं रखना चाहिए कि वो अपने देश कि गरीमा को ध्यान में रख कर ही कुछ कार्य करे,या फिर उसने इसी सोच के कारण ये काम किया,ये तो वो ही जाने!

ये एक खबर थी,पता नहीं इसके बाबत कुछ रोष या विरोध भारत सरकार के द्वारा दर्ज करवाया गया था या नहीं!शायद किसी मुस्लिम भाई के साथ ऐसी घटना हो जाती तो उच्च स्तर तक का पक्का विरोध दर्ज करवाया जाता,परइस बार वो बेचारा प्रेमचंद था ना.....तो शायद......

जय हिन्द,जय श्रीराम,
कुंवर जी,

8 टिप्‍पणियां:

  1. उन लोगों से ज्यादा अपेक्षाएं नहीं है। उनकी सोच ही परिलक्षित हुई है।

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  2. जिस मानसिकता से ऐसा लिखा गया वह बहुत ही शर्मनाक है... इसका विरोध करना ही चाहिए, उनके दोस्तों ने किया भी और एक महान उदहारण देते हुए लिखा ‘हम तुम्हे प्यार करते हैं।’ हर कहीं बुरे लोग हैं, अच्छे भी हैं... यह दुनिया कुछ ऐसी ही है. बुराई का विरोध होना ही चाहिए.. लेकिन भारतीय सरकार विरोध करे इसका कारण मुझे समझ में नहीं आया, इंसानियत के नाते किसी भी देश के नागरिक को विरोध का हक है... लेकिन वह एक पाकिस्तानी था इसलिए किसी दुसरे देश की सरकार को विरोध करके दुसरे देश के अंदुरनी मामलों में दखल देने का हक नहीं होना चाहिए...

    जहाँ तक बात काफ़िर ना लिख कर गैर-मुस्लिम लिखने की है तो दोनों का मतलब एक ही है... लेकिन किसी भी इंसान के बारे में कोई यह राय कैसे बना सकता है की वह मुस्लिम है या गैर-मुस्लिम (मतलब मुस्लिम है या काफिर??? इसके लिए जो पैमाना बना लिया गया है वह बहुत तंग है... अगर स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो वह गलत पैमाना है...

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  3. आपने ध्यान दिला दिया ...जरुरी है जागरूकता

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  4. राम राम जी,

    आप सभी सुधिजनो ने जो समर्थन दिया उसके लिए आभार...

    कुंवर जी,

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