मोबाइल!
इसे तो आप जानते ही होंगे!आज के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण जरुरत यही तो है!कुछ दिनों पहले जब मोबाइल इतना प्रचलित नहीं हुआ था,तब मैंने कही पढ़ा था की "जैसे पहले गाँव में कोई रिश्तेदार या मेहमान आता था तो सबसे पहले वो घर की राजी-ख़ुशी के बारे में पूछता,फिर घर में दूध-घूँट के बारे पूछता!फिर खेत-खलिहान के बारे में!उसके बाद इधर-उधर कि बातों पर चर्चा होती!पर आने वाले समय में वहाँ भी ये बाते पुरानी हो जायेगी!घर में घुसते ही राजी-ख़ुशी के बाद पूछा जाएगा कि "पतली पिन का चार्जर है?"
आज एक जगह फिर मोबाइल की महिमा को दर्शाने वाला मार्मिक वृत्तांत पढ़ा, आज वो ही आपके समक्ष है!
एक भिखारी किसी घर में खाना मांगने के लिए गया!
वहा उपस्थितजन ने उसे बोला कि खाना अभी बना नहीं है!
इस पर भिखारी बोला..."कोई बात नहीं;मेरा मोबाइल नम्बर ले लो,जब बन जाए मिस कॉल दे देना......"
वाह रे मोबाइल तेरी महिमा!
जय हिंद,जय श्रीराम,
कुँवर जी,




