आदमी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
आदमी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 9 सितंबर 2010

आदमी कि क्या कीमत है......?(कुंवर जी)

अभी थोड़ी देर पहले ही मेरे एक मित्र ने बातों-बातों में पूछा कि आदमी कि क्या कीमत है,क्या महत्ता है?बात थी,बातों-बातों में ही आई-गयी सी हो गयी!अब वो भाईसहाब तो मजे से सो रहे है और हम है कि इसी बात पर खुद से उलझे हुए है!

सर्वप्रथम तो हम इस "कीमत" शब्द पर अटक गए,भला क्या मूल्य लगाए आदमी का यदि वो "आदमी" ही है तो?फिर आजकल "आदमी" मिलते ही कितने और कहाँ है?फिर ये महत्ता,अब किसकी किसके लिए महत्ता?इन सब चीजों किस आधार पर नापा-तौला जाए?

कुछ नहीं सूझ रहा है हमें अभी,नींद भी बेचारी बहार खड़ी-खड़ी अन्दर आने कि बाट  जोह रही है!सो उसकी ही खातिर हमें अभी ये बातें आपके हवाले कर बिस्तर की ओर कूच कर जाना चाहिए,नहीं तो नींद बेचारी बहार ही खड़ी रह जायेगी सारी रात!

मै आशा करता हूँ कि सुधिजन मुझे समझने और समझाने का भरपूर प्रयास करेंगे!अभी तो सौओ और सोने दो.....

जय हिन्द,जय श्री राम!
कुंवर जी,

लिखिए अपनी भाषा में