आजकल sc एक्ट मोदी एक्ट कहने की होड़ सी लगी हुई हुई है, ऐसा क्या हुआ कि हिंदुत्व के नाम पर जो जन सैलाब मोदी जी पर एकमत हुआ था था उसमे आज दरार दिखाई दे रही है! मोदी जी ने हिन्दू हित के लिए काफी माहौल बनाया है, बहुत काम भी किये है! उधर योगी जी ने बहुत बढ़िया काम किये है लेकिन ये दलित ओबीसी सवर्ण वाली खाई बढ़ती सी दिखाई दे रही है!
एक काम और बीजेपी में हुआ है, वर्तमान विपक्ष जब सत्ता में था तब वो खुद को केवल मुस्लिम हितैषी दिखाना चाहता था, हिन्दू हित की बात केवल बीजेपी करती थी! लेकिन विपक्ष जनता को जातियों में बाँट कर राजनीती कर रही थी और धर्म के नाम पर वोट बटोरती थी!
लेकिन आज वो तब तब का सत्ता पक्ष आज विपक्ष में आकर खुद को जनेऊधारी हिन्दू बताता फिर रहा है! दलितों वंचितों की जो राजनीती उस समय कांग्रेस इत्यादि दल करते थे वही आज बीजेपी करती दिखाई दे रही है! मोदी देश के प्रधानमंत्री होकर खुद को दलित घोषित करते है! एससी एक्ट को पहले से बहुत ज्यादा कठोर बनाते है, युनिवर्सिटी स्तर पर इस एक्ट को और अधिक कठोर बनाते है, इसी गैर दलित जनता इस एक्ट को मोदी एक्ट कहने लगी है कहने लगी है की मोदी जी का कांग्रेसीकरण हो गया है! बड़े बड़े यु ट्यूबर , लेखक, व्यंग्यकार इस पर लिख बोल रहे है! इसके पक्ष में भी विपक्ष में भी वीडियो बन रहे है!
अब आप लोग ही बताए ये बात कितनी सही है ? लेकिन ये बात सही है कि गैर दलितों में मोदी के प्रति नाराजगी तो है!
जय श्रीराम
जय हिन्द !
कुँवर जी!